वेद - विश्व की मूल धार्मिक पुस्तक
वेद --मूल धार्मिक पुस्तक ।
मूल भारतिय निवासियों आर्यों (हिन्दुओं) की मूल धार्मिक पुस्तक 'वेद' है। वेदोऽखिलो धर्ममूलम् , अर्थात सभी धर्मों का मूल वेद है। क्योंकि संसार में कोई भी ग्रंथ भारतीय मूल धर्म-ग्रंथ वेद से पुराना नहीं है।१० में से ५ भारतीय हिंदुओं को निश्चित रूप से यह ज्ञात नहीं होगा कि हमारी मूल धर्म की पुस्तक कौन सी है जबकि हम मुस्लिम धर्म के लोगों की धार्मिक किताब का नाम कुरान तुरंत बता देंगे और ईसाई धर्म के लोगों की धर्म की किताब बाईबिल का नाम तुरंत ले लेंगे। इसी प्रकार से अन्य धर्मों के लोगों के भी मूल धर्म की किताब का नाम तुरंत बता देंगे। जब हमारे मूल धर्म की पुस्तक का नाम आता है तो उसमें कोई रामायण, कोई महाभारत, कोई गीता, कोई उपनिषद् और कोई-कोई वेद को मूल धर्म की किताब मानते हैं, जबकि वास्तविकता यह है वास्तव में भारतीय आर्यों के धर्म की मूल पुस्तक वेद ही है, और इसका कोई रचयिता ईश्वर के अलावा नहीं है।
मूल भारतिय निवासियों आर्यों (हिन्दुओं) की मूल धार्मिक पुस्तक 'वेद' है। वेदोऽखिलो धर्ममूलम् , अर्थात सभी धर्मों का मूल वेद है। क्योंकि संसार में कोई भी ग्रंथ भारतीय मूल धर्म-ग्रंथ वेद से पुराना नहीं है।१० में से ५ भारतीय हिंदुओं को निश्चित रूप से यह ज्ञात नहीं होगा कि हमारी मूल धर्म की पुस्तक कौन सी है जबकि हम मुस्लिम धर्म के लोगों की धार्मिक किताब का नाम कुरान तुरंत बता देंगे और ईसाई धर्म के लोगों की धर्म की किताब बाईबिल का नाम तुरंत ले लेंगे। इसी प्रकार से अन्य धर्मों के लोगों के भी मूल धर्म की किताब का नाम तुरंत बता देंगे। जब हमारे मूल धर्म की पुस्तक का नाम आता है तो उसमें कोई रामायण, कोई महाभारत, कोई गीता, कोई उपनिषद् और कोई-कोई वेद को मूल धर्म की किताब मानते हैं, जबकि वास्तविकता यह है वास्तव में भारतीय आर्यों के धर्म की मूल पुस्तक वेद ही है, और इसका कोई रचयिता ईश्वर के अलावा नहीं है।
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