धन-संपत्ति एवं सुख शांति का साधन
धन संपत्ति एवं सुख शांति का साधन
(संस्कृत भाषा का ज्ञान)
१- दुनिया पर राज करने वाला और कोई नहीं है। राज करने वाला केवल ज्ञान ही है। अतः जो ज्ञानी है वही राज करेगा। विश्व के सभी ज्ञान का मूल स्रोत वेद शास्त्र हैं लेकिन वेद - विज्ञान के यथार्थ अध्ययन के लिए संस्कृत भाषा का यथेष्ट ज्ञान परमावश्यक है। संस्कृत भाषा ज्ञान शून्य संसार आर्ष ज्ञान के उत्कृष्ट प्रकाश से वंचित रहेगा। यदि हम इस वेद में निहित ज्ञान (विज्ञान) के किसी अंश को टेक्नोलॉजी में बदल लें तो हमें अपार धन-संपत्ति उसी से प्राप्त हो सकती है।
उदाहरण के लिए स्वामी रामदेव जी का और बालकृष्ण जी का योग और आयुर्वेद प्रत्यक्ष है।
(संस्कृत भाषा का ज्ञान)
१- दुनिया पर राज करने वाला और कोई नहीं है। राज करने वाला केवल ज्ञान ही है। अतः जो ज्ञानी है वही राज करेगा। विश्व के सभी ज्ञान का मूल स्रोत वेद शास्त्र हैं लेकिन वेद - विज्ञान के यथार्थ अध्ययन के लिए संस्कृत भाषा का यथेष्ट ज्ञान परमावश्यक है। संस्कृत भाषा ज्ञान शून्य संसार आर्ष ज्ञान के उत्कृष्ट प्रकाश से वंचित रहेगा। यदि हम इस वेद में निहित ज्ञान (विज्ञान) के किसी अंश को टेक्नोलॉजी में बदल लें तो हमें अपार धन-संपत्ति उसी से प्राप्त हो सकती है।
उदाहरण के लिए स्वामी रामदेव जी का और बालकृष्ण जी का योग और आयुर्वेद प्रत्यक्ष है।
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