हमारा नेता कैसा हो?

क) - मां न: स्तेन ईशत ।। ऋ० ४२/३ ।।
    अर्थात् - चोर तथा दुष्ट व्यक्ति हमारे ऊपर अधिकार न करें।
       (ख) - मां व स्तेनs ईशत ।। यर्जु० - १/१।।
    अर्थात्-दुष्ट पुरुष के संरक्षण में न रहें।

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