यज्ञ कर्म-१(प्रदूषण समाधान)
तेजी से बढ़ते हुए प्रदूषण को कम करने अथवा समाप्त करने का एकमात्र साधन है यज्ञ कर्म तथा अग्निहोत्र। इनके बारे में हमारे शब्द प्रमाणों (वेद, उपनिषद, गीता) आदि वैदिक ग्रंथों एवं शास्त्रों में भूरी भूरी प्रशंसा की गई है तथा इन्हें करने के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं। यज्ञों के संबंध में वैज्ञानिक प्रयोगों से इस बात की पुष्टि हुई है की यज्ञादि कर्म पर्यावरण के प्रदूषण को कम करके इसे शुद्ध करते हैं तथा मानव जीवन के लिए स्वास्थ्यवर्धक होते हैं। जो विद्वान व्यक्ति इस कथन को नहीं मानता उसको चाहिए कि वह प्रदूषण मापक यंत्रों के माध्यम से पहले इसकी विधिवत जांच भी करावे तथा उसका जो भी परिणाम हो उसे भी समाज को बतावे।
तेजी से बढ़ते हुए प्रदूषण को कम करने अथवा समाप्त करने का एकमात्र साधन है यज्ञ कर्म तथा अग्निहोत्र। इनके बारे में हमारे शब्द प्रमाणों (वेद, उपनिषद, गीता) आदि वैदिक ग्रंथों एवं शास्त्रों में भूरी भूरी प्रशंसा की गई है तथा इन्हें करने के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं। यज्ञों के संबंध में वैज्ञानिक प्रयोगों से इस बात की पुष्टि हुई है की यज्ञादि कर्म पर्यावरण के प्रदूषण को कम करके इसे शुद्ध करते हैं तथा मानव जीवन के लिए स्वास्थ्यवर्धक होते हैं। जो विद्वान व्यक्ति इस कथन को नहीं मानता उसको चाहिए कि वह प्रदूषण मापक यंत्रों के माध्यम से पहले इसकी विधिवत जांच भी करावे तथा उसका जो भी परिणाम हो उसे भी समाज को बतावे।
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