ब्रह्मांडिकी-१

 यदि हम ब्रह्म, ईश्वर, आत्मा, परमात्मा, ब्रह्मांड, सत्य, इस अनंत ब्रह्मांड के बाहर क्या है ? यह ब्रह्मांड कब कहां कैसे पैदा हुआ? कब समाप्त होगा? उसके पहले क्या था ? उसके बाद क्या रहेगा? हम कहां से आए हैं?कहां जाएंगे ? मुक्ति या मोक्ष क्या है? इन प्रश्नों के  तथा इस प्रकार के अनंत प्रश्न जो हमारे मस्तिष्क में दिन प्रतिदिन उठते रहते हैं। इन प्रश्नों के बारे में यदि ठीक ठीक जानने का प्रयास करते हैं, तो हमें वैदिक विज्ञान या  विचारधारा का प्राचीन भारतीय ग्रंथों- वेद, उपनिषद, और दर्शन आदि आर्ष ग्रन्थों के सत्य ज्ञान का सहारा लेना ही पड़ेगा।

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