पढ़ने के लाभ
हम पढ़ते क्यों हैं?
पढ़ने से हमारा भाव परिष्कृत शुद्ध होता है। प्रत्यक्षत: कोई विषय हमें सीधे अपने जीवन से जुड़ा हुआ दिखाई नहीं पड़ता, परंतु जब उस विषय के ज्ञान के बारे में सभी पहलुओं पर विचार करते हैं तो हमें उसके ज्ञान का लाभ दिखाई पड़ जाता है जिससे हमारा भाव परिष्कृत होता है क्योंकि उससे हमारी बुद्धि उस विषय को ठीक ठीक समझने लगती है।
पढ़ने से हमारा भाव परिष्कृत शुद्ध होता है। प्रत्यक्षत: कोई विषय हमें सीधे अपने जीवन से जुड़ा हुआ दिखाई नहीं पड़ता, परंतु जब उस विषय के ज्ञान के बारे में सभी पहलुओं पर विचार करते हैं तो हमें उसके ज्ञान का लाभ दिखाई पड़ जाता है जिससे हमारा भाव परिष्कृत होता है क्योंकि उससे हमारी बुद्धि उस विषय को ठीक ठीक समझने लगती है।
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